रायपुर/ 30 जनवरी को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर राज्य शासन द्वारा शुष्क दिवस घोषित किया जाता है। इस दिन शराब की बिक्री और वितरण पर पूर्ण प्रतिबंध रहता है और सभी शराब दुकानों को बंद रखने के स्पष्ट निर्देश जारी किए जाते हैं। 
परंतु इस वर्ष रायपुर शहर से एक गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार रायपुर के टिकरापारा क्षेत्र में स्थित एक शराब दुकान आज 30 जनवरी को भी खुली हुई पाई गई। यह राष्ट्रपिता की पुण्यतिथि जैसे संवेदनशील अवसर पर प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करता है। इस संबंध में मैंने रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह से बात की तो वे भी इस बात की वो उन्होंने अनभिज्ञता जाहिर की।
पूरे देश में जहां इस दिन श्रद्धांजलि सभाएं, मौन और संयम का वातावरण रहता है, वहीं शराब दुकान का खुला रहना कई सवाल खड़े करता है। क्या शुष्क दिवस के आदेशों का सही ढंग से पालन कराया जा रहा है? क्या आबकारी विभाग और स्थानीय प्रशासन ने अपने दायित्वों का निर्वहन ठीक से किया? या फिर यह जानबूझकर की गई अनदेखी है?
जानकारों का कहना है कि शुष्क दिवस केवल एक औपचारिक आदेश नहीं, बल्कि समाज में अनुशासन, नैतिकता और राष्ट्र के महापुरुषों के प्रति सम्मान का प्रतीक होता है। ऐसे में इस तरह की घटनाएं शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाती हैं। 
अब आवश्यकता है कि संबंधित विभाग इस मामले का तत्काल संज्ञान लें, जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करें और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करें, ताकि भविष्य में शुष्क दिवस जैसे अवसरों की गरिमा बनी रहे और आदेशों की अवहेलना करने वालों को स्पष्ट संदेश मिले।