1 करोड़ का ऑक्सीजन प्लांट तीन साल से बंद!
अंबिकापुर। कोविड-19 महामारी के दौरान मरीजों की जान बचाने के उद्देश्य से बैकुंठपुर के कंचनपुर में करीब 1 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित ऑक्सीजन प्लांट पिछले तीन वर्षों से बंद पड़ा है। जिस प्लांट से जरूरतमंद मरीजों को जीवनदायी ऑक्सीजन मिलनी थी, वह आज उपेक्षा का शिकार होकर धीरे-धीरे कबाड़ में तब्दील हो रहा है।

विडंबना यह है कि इसी परिसर में जिला स्वास्थ्य विभाग का कार्यालय, ड्रग वेयरहाउस, निर्माणाधीन 200 बिस्तरीय जिला अस्पताल और एमसीएच भवन मौजूद हैं। भविष्य में नए जिला अस्पताल को ऑक्सीजन आपूर्ति का आधार बनने वाला यह प्लांट आज स्वयं ऑक्सीजन के अभाव जैसी स्थिति में है। सुरक्षा व्यवस्था भी बेहद कमजोर है।
प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल अक्सर स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और बेहतर व्यवस्थाओं के दावे करते हैं। ऐसे में सरगुजा संभाग के प्रमुख क्षेत्र में करोड़ रुपये की लागत से बना ऑक्सीजन प्लांट वर्षों से बंद पड़ा होना उन दावों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। आखिर जब जीवनरक्षक स्वास्थ्य अधोसंरचना ही उपेक्षा का शिकार हो जाए, तो स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने के दावों का आकलन जनता किस आधार पर करे? अब आवश्यकता है कि सरकार इस मामले की जिम्मेदारी तय करे, प्लांट को तत्काल चालू कराए और यह सुनिश्चित करे कि करोड़ों रुपये की सार्वजनिक संपत्ति लापरवाही की भेंट न चढ़े।