Monday | Apr 20, 2026
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राज्य के 24 लाख किसानों के खातों में पहुंचे सम्मान निधि के 498.83 करोड़, सीएम विष्णुदेव बोले किसानों का सम्मान सर्वोपरि

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 22वीं किश्त ने छत्तीसगढ़ के लाखों किसानों के चेहरों पर मुस्कान ला दी है और डबल इंजन सरकार की किसान हितैषी नीतियों ने कृषि क्षेत्र में नई उम्मीद जगाई है।

रायपुर/ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम की राजधानी गुवाहाटी से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किश्त जारी करते हुए देशभर के 9 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में लगभग 18,640 करोड़ रुपये की राशि सीधे हस्तांतरित की। इस महत्वपूर्ण अवसर पर छत्तीसगढ़ के 24 लाख 71 हजार किसानों के खातों में 498.83 करोड़ रुपये की सम्मान राशि सीधे पहुंची, जिससे प्रदेश के अन्नदाताओं को बड़ी राहत और संबल मिला है।

राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित पीएम किसान सम्मान निधि राशि अंतरण एवं किसान उत्सव दिवस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना देश के किसानों के सम्मान और उनकी आर्थिक मजबूती का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से किसानों को हर वर्ष तीन किश्तों में 6 हजार रुपये की सहायता सीधे उनके खातों में मिलती है, जो खेती-किसानी के कार्यों में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करती है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार लगातार किसानों के कल्याण के लिए ऐतिहासिक कदम उठा रही है और छत्तीसगढ़ में डबल इंजन सरकार बनने के बाद किसानों की समृद्धि को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने बताया कि अब तक छत्तीसगढ़ के किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 11 हजार 283 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्राप्त हो चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने सत्ता में आते ही किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। किसानों को धान बोनस का लाभ देते हुए 13 लाख किसानों के खातों में 3,716 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की गई, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का ऐसा अग्रणी राज्य बन गया है जहां किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है और 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान सुनिश्चित किया गया है। इतना ही नहीं, समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के बाद 48 घंटे के भीतर किसानों के खातों में भुगतान की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है, जिससे किसानों को समय पर उनकी मेहनत का मूल्य मिल रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने बताया कि कृषक उन्नति योजना के तहत भी राज्य सरकार ने किसानों को बड़ी राहत दी है। इस योजना के माध्यम से 25 लाख से अधिक किसानों के खातों में 10 हजार 324 करोड़ रुपये की राशि होली से पहले अंतरित की गई, जिससे किसानों के परिवारों में खुशहाली का माहौल बना।

उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए सरकार द्वारा दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो-कुटकी, रागी और कपास जैसी फसलों की खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है। साथ ही सिंचाई सुविधाओं को मजबूत करने के लिए कृषि पंपों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जा रही है, जिसके लिए इस वर्ष के बजट में 5,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए 40 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है और किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने के उद्देश्य से दो वर्षों में 10 हजार करोड़ रुपये की सिंचाई परियोजनाएं प्रारंभ की गई हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ का किसान आर्थिक रूप से मजबूत बने और खेती लाभ का सौदा बने।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना किसानों के लिए एक बड़ी सहायता साबित हो रही है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे धान के साथ-साथ अन्य फसलों की खेती भी अपनाएं, जिससे जल संरक्षण के साथ उनकी आय में भी वृद्धि होगी।


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